मध्य प्रदेश के सागर जिले की बंडा तहसील में संदिग्ध जहरीली शराब (मेथेनॉल/मिथाइल अल्कोहल) पीने से बड़ा हादसा हुआ है। शराब में अत्यधिक जहरीले रसायन की मिलावट के कारण लोगों में गंभीर टॉक्सिसिटी पाई गई है। प्रभावित मरीजों में उल्टी, धुंधला दिखना, सांस लेने में तकलीफ और शरीर का नीला पड़ना (Cyanosis) जैसे खतरनाक लक्षण देखे जा रहे हैं।
इलाज और स्वास्थ्य अलर्ट
100 से अधिक मरीज भर्ती: प्रभावितों का इलाज बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC), जिला अस्पताल और बंडा सिविल अस्पताल में जारी है।
गंभीर मरीजों का इलाज: कई मरीज आईसीयू और डायलिसिस पर हैं, जबकि एक अति गंभीर मरीज को एयरलिफ्ट कर भोपाल एम्स (AIIMS) भेजा गया है।
घर-घर स्क्रीनिंग: स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में सर्वे कर शराब का सेवन करने वाले अन्य लोगों की पहचान कर रही हैं।
प्रशासनिक गाज और कानूनी कार्रवाई
अधिकारियों पर कार्रवाई: मुख्यमंत्री के निर्देश पर आबकारी और पुलिस विभाग के 5 लापरवाह अधिकारियों/कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है।
FIR और गिरफ्तारियां: अवैध शराब के निर्माण, वितरण और सप्लाई से जुड़े 30 से अधिक आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।
UP से जुड़े तार: शुरुआती जांच में अवैध शराब की सप्लाई उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले से होने का संदेह है।
दुकानें सील: प्रशासन ने बंडा और आसपास की 7 शराब दुकानों को सील कर सैंपल जांच के लिए लैब भेज दिए हैं।
