झारखंड में त्योहारों से पहले गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए राहत की खबर है। राज्य सरकार की सोना-सोबरन धोती-साड़ी योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में करीब 68 लाख लाभुक परिवारों को कपड़े दिए जाएंगे। इसके लिए खाद्य एवं उपभोक्ता मामले निदेशालय ने सभी जिलों के उपायुक्तों को जरूरी निर्देश जारी किए हैं।
हर लाभुक परिवार को मिलेगी साड़ी और धोती या लुंगी
इस योजना का लाभ राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) और झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के तहत आने वाले परिवारों को मिलेगा। प्रत्येक पात्र परिवार को एक साड़ी और एक धोती या लुंगी दी जाएगी।
धोती और लुंगी की जरूरत के अनुसार वितरण का अनुपात 60:40 रखा गया है। यानी कुछ लाभुकों को धोती और बाकी लाभुकों को लुंगी उपलब्ध कराई जाएगी।
जिलों को समय पर वितरण पूरा करने का निर्देश
वस्त्र वितरण में देरी न हो, इसके लिए विभाग ने जिलों को प्रक्रिया तेजी से पूरी करने को कहा है। आपूर्ति आदेश मिलने के बाद तीन दिनों के अंदर डीलरवार आदेश जारी करने का निर्देश दिया गया है।
इसके बाद कपड़ों की गुणवत्ता की जांच की जाएगी। गुणवत्ता जांच पूरी होने के बाद ही लाभुकों के बीच वस्त्रों का वितरण शुरू किया जाएगा।
सरकारी लैब में होगी कपड़ों की जांच
वस्त्रों की गुणवत्ता को लेकर भी विभाग ने व्यवस्था तय की है। संबंधित बीडीओ कपड़ों के सैंपल लेकर सरकारी प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजेंगे। जांच में कपड़े निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए जाने के बाद वितरण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
31 अगस्त तक 83.60 प्रतिशत हुआ वितरण
विभाग के अनुसार, 31 अगस्त तक राज्य में औसतन 83.60 प्रतिशत वितरण पूरा हो चुका था। हालांकि कुछ जिलों में वितरण की गति राज्य के औसत से कम पाई गई है।
ऐसे आठ जिलों को वितरण में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है, ताकि पात्र परिवारों को योजना का लाभ समय पर मिल सके।
प्रति वस्त्र 10 रुपये देने होंगे
योजना के तहत लाभुकों को मिलने वाले प्रत्येक वस्त्र के लिए 10 रुपये देने होंगे। यानी साड़ी और धोती/लुंगी लेने वाले लाभुक परिवार को निर्धारित राशि के अनुसार भुगतान करना होगा।
- करीब 68 लाख परिवारों को लाभ
- प्रत्येक परिवार को एक साड़ी
- साथ में एक धोती या लुंगी
- धोती और लुंगी का अनुपात 60:40
- प्रत्येक वस्त्र के लिए 10 रुपये
- वितरण से पहले कपड़ों की गुणवत्ता जांच
- योजना का लाभ NFSA और झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के पात्र परिवारों को
त्योहारों से पहले कपड़े मिलने से राज्य के बड़ी संख्या में गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। लाभुकों को वितरण की तारीख और अपने क्षेत्र के डीलर से संबंधित जानकारी स्थानीय स्तर पर प्राप्त करनी होगी।
