पटना, 15 सितंबर 2026: बिहार की राजधानी पटना में मंगलवार को छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं का आंदोलन तेज नजर आया। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर गांधी मैदान और आसपास के इलाकों में प्रदर्शन करने पहुंचे। छात्रों ने परीक्षा व्यवस्था, भर्ती प्रक्रिया और सरकारी नौकरियों से जुड़े कई मुद्दों पर अपनी नाराजगी जाहिर की प्रदर्शन के चलते पटना के प्रमुख इलाकों में काफी देर तक हलचल बनी रही। छात्रों के जुटने के कारण सड़क पर आवाजाही भी प्रभावित हुई। प्रशासन की ओर से स्थिति को संभालने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई।
छात्रों ने क्यों किया प्रदर्शन
प्रदर्शन कर रहे युवाओं की मुख्य मांगें बिहार में आयोजित होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी हैं। छात्रों का कहना है कि लंबे समय से कई भर्ती प्रक्रियाएं अलग-अलग कारणों से प्रभावित हो रही हैं, जिसका सीधा असर अभ्यर्थियों की तैयारी और उनके करियर पर पड़ता है युवाओं की मांग है कि परीक्षाओं का आयोजन पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से कराया जाए। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में देरी होने से हजारों उम्मीदवारों को उम्र सीमा और दूसरी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
1799 पदों वाली दारोगा भर्ती परीक्षा का मुद्दा
छात्र आंदोलन में बिहार पुलिस दारोगा भर्ती परीक्षा भी प्रमुख मुद्दा बनी हुई है। प्रदर्शनकारी 1799 पदों की दारोगा भर्ती परीक्षा को लेकर सवाल उठा रहे हैं और परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर स्पष्टता की मांग कर रहे हैं अभ्यर्थियों की ओर से परीक्षा से संबंधित रिकॉर्ड और OMR शीट उपलब्ध कराने जैसी मांगें भी सामने रखी गई हैं। छात्रों का कहना है कि भर्ती से जुड़े सभी सवालों का स्पष्ट जवाब अभ्यर्थियों को मिलना चाहिए।
BPSC 70वीं परीक्षा को लेकर भी नाराजगी
प्रदर्शन में BPSC 70वीं परीक्षा से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए। छात्रों की मांग है कि परीक्षा से संबंधित विवादों और कथित अनियमितताओं को गंभीरता से देखा जाए तथा अभ्यर्थियों के हित में उचित निर्णय लिया जाए छात्रों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवार महीनों और वर्षों तक तैयारी करते हैं। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया को लेकर किसी भी तरह की असमंजस की स्थिति उनके भविष्य को प्रभावित कर सकती है |
BSSC भर्ती और परीक्षा कैलेंडर की मांग
युवाओं ने भर्ती परीक्षाओं को लेकर एक निश्चित व्यवस्था बनाने की मांग भी उठाई। छात्रों की प्रमुख मांगों में BSSC की भर्ती प्रक्रिया को गति देना और नियमित परीक्षा कैलेंडर जारी करना शामिल है अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि परीक्षा कैलेंडर पहले से जारी हो तो उम्मीदवार अपनी तैयारी बेहतर तरीके से कर सकते हैं। इससे परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया को लेकर अनिश्चितता भी कम होगी।

सड़क पर उतरे युवाओं ने क्या कहा
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि उनकी मांगें किसी एक अभ्यर्थी तक सीमित नहीं हैं। ये मुद्दे बड़ी संख्या में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं से जुड़े हैं छात्रों ने सरकार और संबंधित भर्ती संस्थाओं से मांग की है कि उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार किया जाए और परीक्षा तथा भर्ती प्रक्रिया में आवश्यक सुधार किए जाएं।
पटना में हुए इस छात्र प्रदर्शन के बाद अब सभी की नजर सरकार और संबंधित भर्ती संस्थाओं के अगले कदम पर है। यदि छात्रों की मांगों पर जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता है तो आंदोलन आगे भी जारी रहने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
फिलहाल गांधी मैदान, जेपी गोलंबर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।
