झारखंड की मुख्यमंत्री मईयां सम्मान योजना में हर महीने पात्र महिलाओं के बैंक खाते में सीधे पैसा भेजा जाता है। लेकिन कई महिलाओं की शिकायत है कि उनकी किस्त रुक गई है या आई ही नहीं। अगर आपके साथ भी ऐसा है, तो घबराइए मत। ज़्यादातर मामलों में वजह छोटी होती है और घर बैठे ठीक हो जाती है।
सबसे पहले ये 3 चीज़ें जाँचें
- बैंक खाते में बैलेंस/पासबुक अपडेट करें। कई बार पैसा आ चुका होता है पर मैसेज नहीं आता।
- आवेदन का स्टेटस देखें (नीचे तरीका दिया है)।
- आधार और बैंक खाता लिंक है या नहीं देखें।
किस्त न आने के 7 आम कारण
1. बैंक खाता आधार से लिंक नहीं है
DBT (सीधा लाभ हस्तांतरण) के लिए खाता आधार से जुड़ा और एक्टिव होना चाहिए। एक स्थानीय समाचार रिपोर्ट के मुताबिक गिरिडीह में हज़ारों लाभुकों की राशि इसी तरह की जाँच और सत्यापन की वजह से रुकी थी।
2. दस्तावेज़ों का सत्यापन बाकी है
जब तक कागज़ात का सत्यापन पूरा नहीं होता, राशि जारी नहीं की जाती।
3. बैंक खाता बंद या निष्क्रिय (inactive) है
लंबे समय तक लेन-देन न होने से खाता निष्क्रिय हो सकता है। बैंक जाकर खाता चालू करवाएँ।
4. आधार/बैंक की डिटेल में नाम या नंबर की गलती
आधार और बैंक रिकॉर्ड में नाम की स्पेलिंग या जन्मतिथि अलग हो तो भुगतान फेल हो जाता है।
5. आप पात्रता की शर्तें पूरी नहीं करतीं
जैसे परिवार में कोई आयकर दाता हो या कोई सांसद/विधायक रहा हो। ऐसे में नाम सूची से हट सकता है। [जाँचें: ताज़ा पात्रता नियम]
6. आवेदन में गड़बड़ी या डुप्लीकेट एंट्री
एक ही परिवार या एक ही खाते से एक से ज़्यादा आवेदन होने पर आवेदन रोका जा सकता है।
7. तकनीकी देरी या किस्त जारी होने में समय
कभी-कभी सरकार की तरफ़ से किस्त चरणों में जारी होती है, इसलिए कुछ खातों में देर से पहुँचती है।
स्टेटस कैसे चेक करें
- योजना के आधिकारिक पोर्टल पर जाएँ। https://mmmsy.jharkhand.gov.in/
- “आवेदन की स्थिति/स्टेटस” वाला विकल्प चुनें।
- अपना आवेदन नंबर या आधार नंबर डालें।
स्टेटस के हिसाब से क्या करें:
- स्वीकृत पर पैसा नहीं आया: बैंक खाता और आधार लिंकिंग जाँचें, फिर शिकायत करें।
- लंबित: अपने प्रखंड/ब्लॉक कार्यालय या आंगनवाड़ी से सत्यापन की स्थिति पूछें।
- अस्वीकृत: कारण देखें और ठीक करके दोबारा आवेदन या अपील करें।
आधार-बैंक लिंक है या नहीं, कैसे जाँचें
- UIDAI की वेबसाइट या mAadhaar ऐप पर “Aadhaar Bank Seeding Status” देखें।
- या अपने बैंक की शाखा में जाकर आधार की कॉपी देकर लिंक करवाएँ।
- ध्यान रखें कि NPCI पर आधार मैपिंग उसी बैंक खाते की हो जिसमें पैसा चाहिए।
फिर भी पैसा न आए तो शिकायत कहाँ करें
- प्रखंड विकास कार्यालय (BDO) / जिला समाज कल्याण कार्यालय: लिखित आवेदन दें और रिसीविंग लें।
- आंगनवाड़ी सेविका/सहिया दीदी: स्थानीय स्तर पर सत्यापन में मदद कर सकती हैं।
- ऑनलाइन शिकायत पोर्टल: झारखंड सरकार के जन शिकायत/CM पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।
शिकायत के साथ ये साथ रखें: आधार की कॉपी, बैंक पासबुक की कॉपी, आवेदन नंबर और आवेदन की रसीद/स्क्रीनशॉट।
भविष्य में किस्त रुकने से कैसे बचें
- बैंक खाते को हमेशा चालू रखें और कभी-कभी लेन-देन करें।
- आधार और बैंक में नाम एक जैसा रखें।
- मोबाइल नंबर आधार से लिंक रखें।
- सरकार की ओर से सत्यापन या e-KYC की सूचना आए तो समय पर पूरा करें।
किस्त न आने की ज़्यादातर वजहें आधार-बैंक लिंकिंग, सत्यापन या छोटी डिटेल की गलती होती हैं। पहले स्टेटस और बैंक जाँचें, फिर हेल्पलाइन या ब्लॉक कार्यालय में शिकायत करें। आपकी समस्या हल हो जाए तो दूसरी महिलाओं को भी यह जानकारी ज़रूर बताएँ।
3. FAQ सेक्शन
Q1. मईयां सम्मान योजना की किस्त कितने दिन में आती है?
सरकार हर महीने किस्त जारी करती है, लेकिन सभी खातों में पहुँचने में कुछ दिन लग सकते हैं। एक-दो हफ़्ते की देरी आम है।
Q2. आवेदन स्वीकृत होने के बाद भी पैसा क्यों नहीं आया?
सबसे आम कारण आधार-बैंक लिंकिंग की कमी, निष्क्रिय खाता या नाम में गड़बड़ी है।
Q3. क्या अस्वीकृत आवेदन दोबारा किया जा सकता है?
हाँ, कारण जानकर ग़लती सुधारें और दोबारा आवेदन या अपील करें।
Q4. बैंक खाता बदलना हो तो क्या करें?
अपने प्रखंड कार्यालय में नया खाता विवरण देकर अपडेट का आवेदन दें।
Q5. शिकायत करने के कितने दिन में समाधान मिलता है?
यह जिले और समस्या पर निर्भर है। शिकायत की रसीद सँभालकर रखें और फ़ॉलो-अप करें।
